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HEALTH CARE

Live difficult without health

आज रोग के अनेकों कारण है जिसमें प्रमुख कारण भौतिकावाद अज्ञानता मनमानी दिनचर्या आलस और लापरवाही है । लोग मिलते ही पुछते है महाशय आप कैसे है मजबुरी में कहना पड़ता है ठीक है। दुनिया के सभी लोगों को स्वास्थ्य की परम आवश्यकता है परन्तु लोग भागमभाग में व्यस्त है।

स्वास्थ्य के प्रति सोचने के लिए फुर्सत ही नही है कुछ लोग मोर्निगवाक करने जाते है लेकिन वहा भी वह व्यस्त रहते है । कुछ लोग बाबाओं की योग करते है लेकिन प्राकृतिक योग को नही समझ पाते जिसे महायोग कहां जाता है।

शरीर के अवस्था के अनुसार स्वास्थ्य का मुल व्यवस्था है जिसकी जानकारी महत्वपूर्ण है। विषय भोग के होड़ में मनुष्य अपने आपको भुलता जा रहा है यही कारण है कि वह असाध्य रोग का शिकार हो रहा है।

आज मनुष्य को स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता की विशेष आवश्यकता है इसमें हर व्यक्ति को अपने दिनचर्या की जानकारी और उसका ध्यान रखना आवश्यक है।

आज मनुष्य को स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता की विशेष आवश्यकता है इसमें हर व्यक्ति को अपने दिनचर्या की जानकारी और उसका ध्यान रखना आवश्यक है।

आज के डाॅक्टर और वैज्ञानिक खुद ही बिमार है फिर आम आदमी का देखरेख कौन करेगा । आम आदमी का सेहत ही उसका सहारा है इसलिए उसे अधिक सर्तक रहने की जरुरत है।

स्वास्थ्य हर आदमी का व्यक्तिगत धन और साथी है इसलिए उसका ख्याल रखना सबसे पहला जरूरत है । रोगग्रस्त आदमी का जीवन भयानक और दर्दनाक है।

स्वास्थ्य को गवा देना आसान है परन्तु उसे हासिल करना कठिन है इसलिए सेहत के प्रति लापरवाही या मनमानी करना सबसे बड़ा मुर्खता है ।

परिवार का एक आदमी बिमार होता है वह सबको बिमार बना देता है इसलिए परिवार के हर सदस्य को जागरुक होने की जरुरत है ।

रेल की पटरी की तरह ही शिक्षा और स्वास्थ्य जीवन की पटरी है जो परस्पर मनुष्य को आगे बढ़ाता है जिस मोड़ पर शिक्षा और स्वास्थ्य का अभाव हुआ उसी समय जीवन की गाड़ी पलट जाती है ।

आज के विद्यार्थी और लोग मनमानी दिनचर्या बिताकर अपने परिवार समाज और देश का अहित कर रहे है ।

हर मनुष्य का शारीरिक और मानसिक क्षमता भिन्न है इसलिए हर कार्य को हर आदमी नही कर पाता है क्षमता के अनुसार कार्य करना जरुरी है।

रोग के कई कारण है जिसमे लापरवाही मनमानी दिनचर्या अनियमित खानपान पारिवारिक कलह प्रदुषण यंत्रीकरण भोग विलासता हिंसा अज्ञानता और व्याग्रता मुख्य है । इसका पहचान और रोकथाम अनिवार्य है।

उतम स्वास्थ्य के लिए उतम भोजन पानी हवा श्रम निंद नियमित दिनचर्या सावधानी की जानकारी और व्यवस्था जरुरी है ।

बचपन से उतम दिनचर्या का ज्ञान व्यायाम का आदत और प्रकृत के नियमों का पालन जरुरी है

जिस प्रकार एक पिता अपने आज्ञाकारी पुत्र को सबसे उतम व्यवस्था देता है उसी प्रकार प्रकृत नियमों के पालन करने वाले व्यक्ति को उतम सेहत प्रदान करती है ।

मनुष्य अपने दिनचर्या में थोड़ा सा ध्यान दे और प्राकृतिक नियमों को जान ले तो वह सदा निरोगी रहेगा ।

व्यायाम और योगाभ्यास में स्त्री और पुरुष के लिए अलग अलग विधि और विधान है। स्मॅककोर्स में छात्राओं के लिए एक दिव्य उपहार है जिसके जानकारी से छात्राएं हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहती है।

किसी भी पद के नियुक्ति के लिए पहले शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य की जानकारी कभी व्यर्थ नही जाता है।

संसार में शिक्षा और स्वास्थ्य में काफी हेराफेरी हो रहा है इसलिए इस पहलु पर जागरुकता और जानकारी रखना अति आवश्यक हो गया है स्मॅककोर्स में भाग लेकर लुट खसोट से सुरक्षित हो जाए ।