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FUN & FROLIC CARE

Who is break the rule that is make self fool

खेलकूद मनोरंजन मौज मस्ती और आनंद से जीवन का गहरा सम्बन्ध है इसलिए इसको गहराई से समझना जरुरी होता है। खेलकूद मनोरंजन मौज मस्ती और आनंद में बहुत ही सावधानी की आवश्यकता है क्योंकि इसमें उलझने से शारीरिक और मानसिक नुकसान होता है।

अमीरी और गरीबी के अनुसार खेलकूद की व्यवस्था भिन्न है इसलिए गरीब विद्यार्थी का खेल उसका शिक्षा स्वास्थ्य और चरित्र है । अमीरों की देखा देखी करना गरीबों के लिए उतना ही खतरनाक है जितना शेर का देखा देखी करना गिद्धर के लिए खतरनाक होता है।

वर्तमान में नेट और क्रिकेट ही प्रधान खेल की व्यवस्था है। किसी भी खेल में रेफरी कोच या टीचर की जरुरत है इनके बिना खेल में हिंसा होता है ।

आज का खेल भी कुरीतियों का शिकार हो रहा है खेल में सटा और बाजी लगाकर इसे हिंसक बनाया जा रहा है । पुरे देश में प्रतिदिन खेल खेल में हजारों हिंसा होता है। इसमें गुटबंदी करके फसाद को बढ़ाया जाता है। हर दिन हजारों बच्चों का हाथ पांव टुट जाता है ।

एक खोज में पाया गया है कि कई बच्चें क्रिकेट के खेल में सटा लगाकर पैसा कमाते है और उस पैसे से वियर दारु या अन्य नशा करते है इसी कारण बच्चों में मतभेद और हिंसा बढ़ता है या दुर्घटना होता है।

खेलों में गलत धारणा होने से बच्चे असाध्य रोग हिंसा और विषय विकारों के शिकार होते है जिससे परिवार में कलह और समस्या बढ़ जाता है।

आज का दिनचर्या जटिल महंगा और संवेदनशील होता जा रहा है इस समय अभिभावक रोजी रोटी में परेशान है किसी तरह तीन पांच करके अपने दिनचर्या की व्यवस्था कर पाता है ऐसे में आज के बच्चें मनमानी करके अपने अभिभावक का समस्या और भी जटिल बना रहे है।

खेलकूद मनोरंजन और मौज मस्ती का आदत बहुत ही खतरनाक है इसमें बच्चों का सेंस उलझ जाता है कई बच्चें शिक्षा को छोड़कर उसी में फस जाते है।

खेलकूद में बच्चे और अभिभावक दोनों को सावधान रहना पड़ता है। खेलकूद का सिद्धांत और उसके गतिविधियों की जानकारी अनिवार्य है।

खेल और मनोरंजन का खोज और उसकी व्यवस्था सेहत और मन के ताजगी के लिए किया गया है परन्तु आज के युवक इससे गुमराह और कुरितियों के शिकार हो रहे है।

उम्र के अनुसार बच्चों के शरीर और सेंस का क्षमता होता है इसलिए इसमें सर्तकता की अधिक जरुरत होती है । खेल और मनोरंजन के सिद्धांत का पालन करने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक क्षमता सुरक्षित रहता है।

पढ़ाई के लिए विद्यार्थी को उर्जा की आवश्यकता है इसलिए उर्जा का सुरक्षा जरुरी है । भोजन पानी के बाद उर्जा के कई स्रोत है जिससे बच्चें हरदम चुस्त और दुरुस्त रहते है। उसकी जानकारी जरुरी है।

खेलकूद और मनोरंजन से उर्जा का विकास तो होता है लेकिन इसमें लापरवाही करने से उर्जा का नाश भी होता है। किसी भी पहलु में सावधानी पूर्वक नियमों के पालन करने से उर्जा का विकास होता है इसलिए नियमों का पालन जरुरी है।

शरीर का स्टेमिना उसके नियम पर कार्य करता है इसलिए उसके नियम को जानना परमावश्यक है जीवन यापन के लिए स्टेमिना की जरुरत है।

स्मॅककोर्स में स्टेमिना के समस्त गतिविधियों की जानकारी और अभ्यास कराकर बच्चों को निरोगी साहसी ताकतवर ज्ञानवान और आज्ञाकारी बनाया जाता है।

प्राकृतिक व्यवस्था और उसका सम्बन्ध जानना जरुरी है यह उर्जा के लिए नितांत आवश्यक है।